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चलना हमारा काम है।

चलना हमारा काम है | एक नयी कविता

तो कैसे है आप सब दोस्तों, में विश्वा आज हाज़िर हूँ एक और नयी कविता लेकर, ये कविता हमें जिंदगी में आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करती रहेगी |…

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Jaruri hai kya

अपनी गंदी जुबां को बंद रखा करो

कह दिया हम इस काबिल नहीं हैं एक और मोहतरमा का आज हम दिल तोड़ आए, कह दिया हम इस काबिल नहीं हैं माफ करें... ... ख़ौफ़ज़दा हैं हम अपनी…

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एक ख्याल

एक ख़्याल आया था रात को, चाँदनी रंग का लिबास ओढ़े ! धीरे से खटखटाया मेरे दरवाज़े पे, और आ कर बैठ गया सिरहाने ! कुछ देर देखता रहा मुझे…

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था इश्क़ जिन्हें, वो तबाह हुए, है बचा कोन ये बतला दो ।

था इश्क़ जिन्हें, वो तबाह हुए

हेलो दोस्तों, मैं कृष्णा, हाज़िर हूँ एक और fake love shayari कविता लेकर ! आज की ये कविता प्यार मोहब्बत की सच्चाई बताने के लिए लिखी है तो चलिए सफर…

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तुम्हें तहजीब नहीं तो खामोश रहो दिखाना जरूरी है क्या

तुम्हें तहजीब नहीं तो खामोश रहो दिखाना जरूरी है क्या अपनी तबीयत की कमी लोगों को सुनाना जरूरी है क्या और जिस शख्स की खिल्लियां उड़ा रहे हो तुम ,,,…

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पुरानेपन के शिकार अब भी हम

हैं पुरानेपन के शिकार अब भी हम, सो जब चाय सामने आती है, तो मुस्कान आ ही जाती है...! ... उसे देख कर घुमा लू भले ही नज़रें अपनी पर…

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ख्वाब से अब जरा जगने लगी, जिंदगी को बेहतर समझने लगी हूँ ! उड़ती थी शायद कभी ऊंची हवा में, जमीन पर अब पैदल चलने लगी हूँ ! लफ्जों की अब मुझको जरूरत नहीं है, चेहरों को जब से मैं पढ़ने लगी हूँ ! दुनिया के बदलते रंगों को देखकर, शायद में कुछ-कुछ बदलने लगी हूँ ! परवाह नहीं कोई साथ चले मेरे हमदम , मैं अकेले ही आगे बढ़ने को मचलने लगी हूँ ! कोई समझे या ना समझे मुझे अब फर्क नहीं, शायद जिंदगी को पहले से बेहतर मैं समझने लगी हूँ !

जिंदगी को बेहतर समझने लगी हूँ

Best life poem in Hindi ख्वाब से अब जरा जगने लगी, जिंदगी को बेहतर समझने लगी हूँ ! उड़ती थी शायद कभी ऊंची हवा में, जमीन पर अब पैदल चलने…

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Jaun Elia ki mashoor shayriya

Jaun Elia

Jaun Elia ki mashoor shayriya अजब था उसकी दिलज़ारी का अन्दाज़ वो बरसों बाद जब मुझ से मिला है भला मैं पूछता उससे तो कैसे मताए-जां तुम्हारा नाम क्या है?…

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